असुधैव कुटुंबकम के विचार को आगे बढ़ाने वाला देश अब पूरे विश्व को योग के माध्यम से जोड़ रहा है। योग आत्म को व्यक्ति से व्यक्ति को समूह से समूह को देश से और देश को विश्व को जोड़ता हुआ सभी को आत्म ज्ञान के साथ स्वस्थ जीवन शैली दे रहा है। समुदाय, भाषा, बोलियों, रंग-रूप, सभी को एक तार में पिरोते हुए आज 4 अंतर्राष्टीय योग दिवस ने अपने बढ़ते स्वरूप से थोड़ा और अभिभूत कर रहा है।
यह देश के लिए भी गौरव की बात है कि हमारी सदियों पुरानी योग पद्धति को विश्व खुले मन से स्वीकार कर रहा है

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